KMZ

KMZ फ़ाइल क्या होती है?

एक KML फ़ाइल, अपनी तस्वीरों और आइकॉन के साथ, एक ही फ़ाइल में बँधी हुई।

KMZ है क्या

KMZ एक कंटेनर है: एक खोल, जिसके अंदर वे धाराएँ रहती हैं जिन्हें किसी और ने एन्कोड किया है। इसका इस्तेमाल नक़्शे के लिए होता है।

एक्सटेंशन .kmz है और पूरा नाम Zipped KML। दोनों उतना नहीं बताते जितना यह कि फ़ाइल अंदर क्या-क्या रख सकती है — और इस पन्ने का बाक़ी हिस्सा इसी के बारे में है।

KMZ आया कहाँ से

यह Keyhole का बनाया हुआ है। विनिर्देश OGC KML 2.3 है।

उम्र एक व्यावहारिक वजह से काम की है: फ़ॉर्मेट जितना पुराना, उतने ज़्यादा प्रोग्रामों को उसे सीखने का वक़्त मिला है।

विनिर्देश सार्वजनिक है

यह पूरा प्रकाशित है, इसलिए कोई भी इसे देखकर अंदाज़ा लगाने के बजाय दस्तावेज़ पढ़कर लागू कर सकता है। यही वजह है कि यह फ़ॉर्मेट इतने सारे प्रोग्रामों में मिलता है, और यही वजह है कि बीस साल पहले लिखी गई फ़ाइलें आज भी खुल जाती हैं। पर विनिर्देश का प्रकाशित होना और उसका रॉयल्टी-मुक्त होना एक बात नहीं है: जहाँ फ़ॉर्मेट किसी कोडेक को अपने अंदर लपेटता है, वहाँ पेटेंट का लाइसेंस एक अलग सवाल है, और मानक उसका जवाब नहीं देता।

कुछ भी फेंका नहीं जाता

KMZ फ़ाइल अपना अंदरूनी हिस्सा हूबहू सहेजती है। दोबारा सहेजने से कुछ नहीं बदलता, इसलिए इसे जितनी बार चाहें खोलिए, बदलिए और फिर से सहेजिए — नुक़सान जमा नहीं होता। यही बात इसे सौंपने का नहीं, काम करने का फ़ॉर्मेट बनाती है।

यह पूरा फ़ोल्डर रख सकती है

KMZ फ़ाइल पूरी डिरेक्टरी सहेजती है: नाम, फ़ोल्डर और उनके बीच का ढाँचा। इसी वजह से यह ईमेल के अटैचमेंट में फ़ोल्डर की जगह ले पाती है।

KMZ को खोलता कौन है

Google Earth और QGIS इसे पढ़ते हैं, और इसी तरह के ज़्यादातर दूसरे प्रोग्राम भी।

फ़ाइल न खुले तो कसूर फ़ॉर्मेट का शायद ही कभी होता है — अक्सर प्रोग्राम ही फ़ॉर्मेट से पुराना होता है। किसी पुरानी चीज़ में बदल लेना इससे निकलने का भरोसेमंद रास्ता है, और इस वेबसाइट का बाक़ी हिस्सा इसी के लिए है।

इसे ब्राउज़र में खोलना

इसे कोई भी ब्राउज़र नहीं पढ़ता।

इसे बदलने की सबसे आम वजह यही है: फ़ॉर्मेट ख़राब है, ऐसा नहीं — बात यह है कि जहाँ आप फ़ाइल दिखाना चाहते हैं वह जगह उसे पढ़ ही नहीं सकती।

यह काम करने का फ़ॉर्मेट है

KMZ इसलिए बना है कि इसे खोला और बदला जाए। जब तक काम चल रहा है फ़ाइल इसी फ़ॉर्मेट में रखिए, और जब भी बनी हुई प्रति चाहिए हो, इसी से निर्यात कीजिए।

KMZ असल में एक ZIP है जिसके भीतर KML बैठा है

KMZ अपने आप में कोई अलग भाषा नहीं बोलता — यह Google Earth का KML दस्तावेज़ ज़िप-संपीड़ित करके एक फ़ाइल में लपेट देता है, ताकि उससे जुड़ी छवियाँ और आइकन भी साथ यात्रा कर सकें। इसलिए KMZ पढ़ते वक़्त पहला काम है ज़िप को खोलना और भीतर की KML फ़ाइल ढूँढना।

ज़्यादातर KMZ में यह फ़ाइल `doc.kml` नाम से होती है, जो Google Earth का लिखा हुआ रिवाज़ है, पर विनिर्देश सिर्फ़ इतना कहता है कि पुरालेख में पहली KML ही दस्तावेज़ मानी जाए — इसलिए `doc.kml` न मिलने पर पुरालेख की किसी भी `.kml`-अंत वाली फ़ाइल को इस्तेमाल किया जाता है।

जो निकाला जाता है वह सिर्फ़ रास्ता और बिंदु हैं

इस साइट का बीच का प्रारूप सिर्फ़ चार चीज़ें रखता है: अक्षांश, देशांतर, ऊँचाई (अगर हो) और समय (अगर हो), साथ में हर ट्रैक या वेपॉइंट का एक नाम। KMZ के भीतर की KML से यही निकाला जाता है, न कम न ज़्यादा।

इसका मतलब है कि KML स्टाइलिंग, आइकन, `ExtendedData`, विवरण, लिंक, ग्राउंड-ओवरले और नेटवर्क-लिंक — यह सब कुछ छूट जाता है, क्योंकि बीच के ढाँचे में इन्हें रखने की कोई जगह ही नहीं है। और KMZ के भीतर जो कुछ भी KML के अलावा है — जुड़ी हुई तस्वीरें, कस्टम आइकन — वह पूरी तरह छूट जाता है।

निर्देशांक और समय कैसे लिखे जाते हैं

जब KMZ लक्ष्य हो, निर्देशांक छह दशमलव स्थानों तक लिखे जाते हैं — यह लगभग 11 सेंटीमीटर की सटीकता है, जो GPS की अपनी सटीकता से बेहतर है, इसलिए यह गोलाई किसी व्यावहारिक नुक़सान का कारण नहीं बनती।

समय-चिह्न जस के तस आगे बढ़ाए जाते हैं, स्रोत ने जिस तरह लिखा था उसी तरह — कोई पुनःस्वरूपण नहीं होता। इसका मतलब है कि अगर स्रोत में समय-क्षेत्र की जानकारी गड़बड़ या अधूरी थी, तो वही गड़बड़ी KMZ में भी पहुँचती है।

GPX से KMZ बनाते वक़्त एक ख़ास कमी

GPX ट्रैक के हर बिंदु का अपना समय हो सकता है — जैसे किसी दौड़ की रिकॉर्डिंग जहाँ हर GPS-बिंदु पर समय दर्ज होता है। KMZ में ट्रैक `LineString` के रूप में लिखा जाता है, और यह साइट `gx:Track` लिखने की सुविधा नहीं रखती, जो प्रति-बिंदु समय ले जाने का एकमात्र तरीक़ा है।

नतीजा यह कि GPX से KMZ बदलने पर रास्ते का आकार बिलकुल सही आता है, पर हर बिंदु का अपना समय-चिह्न खो जाता है। जिसे यह चाहिए — जैसे किसी यात्रा का गति-विश्लेषण — उसे GPX ही अपने पास रखना चाहिए, KMZ में बदलने के बाद नहीं।

रास्ता और खंड एक में मिल जाते हैं

GPX फ़ाइल में एक ट्रैक कई खंडों (`trkseg`) में बँटा हो सकता है — जैसे रिकॉर्डिंग रोकने और फिर शुरू करने पर बनने वाला ब्रेक। यह साइट पढ़ते वक़्त इन खंडों को एक ही ट्रैक में सपाट कर देती है, और KMZ में सिर्फ़ एक लगातार रेखा के रूप में लिखती है।

इसी तरह GPX में रास्ते (route) और ट्रैक की अलग पहचान होती है, पर यहाँ रास्ते को भी ट्रैक की तरह ही पढ़ा जाता है। KMZ में यह फ़र्क़ पहले से ही ग़ैर-मौजूद है, इसलिए इस मिलान से नई कोई जानकारी नहीं खोती।

TCX से KMZ में क्या बचता, क्या नहीं

TCX फ़ाइल में हृदय-गति, कैडेंस, ऊर्जा और लैप-संरचना जैसी विस्तृत जानकारी होती है, जो फिटनेस-घड़ी और साइक्लिंग कंप्यूटर दर्ज करते हैं। KMZ में सिर्फ़ स्थान, ऊँचाई और समय जाता है — बाक़ी सब इसलिए छूटता है क्योंकि बीच के ढाँचे में उसकी कोई जगह नहीं।

TCX के लैप भी KMZ में सपाट हो जाते हैं, ठीक वैसे ही जैसे GPX के खंड होते हैं — पूरी गतिविधि एक अकेले, निर्बाध ट्रैक के रूप में दिखती है।

यह ट्रेकिंग ऐप और Google Earth के बीच का पुल है

भारत में लोकप्रिय फ़िटनेस और ट्रेकिंग ऐप अक्सर GPX या TCX में निर्यात करते हैं, पर किसी यात्रा को दोस्तों या परिवार को Google Earth में दिखाना हो, तो KMZ ही वह प्रारूप है जिसे वह सीधे खोलता है और नक़्शे पर रंगीन रेखा की तरह दिखाता है।

यही सबसे आम कारण है कि कोई इस बदलाव तक पहुँचता है — किसी ट्रेक या हाइक का रिकॉर्ड लेना और उसे उस प्रोग्राम में देखना जो सबसे ज़्यादा लोगों के पास पहले से खुला मिलता है।

बहुत बड़ी फ़ाइल पर एक सीमा

यह पूरा काम ब्राउज़र के भीतर होता है, इसलिए फ़ाइल कहीं भेजी नहीं जाती — मुफ़्त सीमा 100 मेगाबाइट प्रति फ़ाइल है, जो एक अकेले GPS-ट्रैक या TCX रिकॉर्डिंग के लिए आमतौर पर काफ़ी ज़्यादा है।

बहुत बड़ी फ़ाइलें अक्सर कई दिनों या हफ़्तों की रिकॉर्डिंग जोड़कर बनती हैं, जिनमें हज़ारों बिंदु होते हैं — ऐसी स्थिति में सीमा तक पहुँचने से पहले रिकॉर्डिंग को दिन के हिसाब से बाँट लेना बेहतर रहता है।

ज़रूरी जानकारी, एक जगह

KMZ फ़ॉर्मेट की पहचान और उसका स्रोत।
एक्सटेंशन.kmz
मीडिया टाइपapplication/vnd.google-earth.kmz
प्रकाशकKeyhole
विनिर्देशOGC KML 2.3