WAV को OPUS में बदलें

यहाँ आप WAV को OPUS में बदलते हैं, मुफ़्त और बिना खाते के: फ़ाइल ऊपर छोड़िए और कुछ ही सेकंड में नतीजा डाउनलोड के लिए तैयार मिलेगा। कन्वर्ज़न आपके अपने ब्राउज़र के भीतर होता है, इसलिए फ़ाइल कभी अपलोड नहीं होती। यह Windows, macOS और Linux पर वैसे ही चलता है जैसे iPhone और Android पर, और कनेक्शन काट देने पर भी चलता रहता है।

  • कहाँ चलता है आपके ब्राउज़र में। फ़ाइल कभी अपलोड नहीं होती।
  • कुछ नुक़सान के साथ आकार के बदले कुछ बारीक़ी जाती है। WAV जो सँभाल सकता है, वह सब OPUS नहीं सँभाल सकता।
  • फ़ाइल आकार की सीमा हर फ़ाइल 100 MB तक, मुफ़्त, बिना खाते के।

एक बार में 100 फ़ाइलें। फ़ॉर्मेट अलग-अलग हों तो भी चलेगा।

यह छोटा बनाने के लिए है

WAV बिना किसी संपीड़न के हर सैंपल सीधे रखता है — यह सबसे बड़ा, पर सबसे सटीक ऑडियो फ़ॉर्मेट है। Opus एक आधुनिक lossy कोडेक है, जो सुनने में लगभग एक जैसी गुणवत्ता कई गुना कम जगह में देता है।

जिसे रिकॉर्डिंग को कहीं भेजना, वेब पर चलाना या स्ट्रीम करना है — पॉडकास्ट, वॉइस मैसेज, स्ट्रीमिंग ऑडियो — उसके लिए यह बदलाव सही जवाब है।

फ़ाइल का आकार बहुत कम हो जाता है

Opus WAV के मुक़ाबले फ़ाइल को दस गुना या उससे भी ज़्यादा छोटा कर सकता है, ख़ासकर बोली गई आवाज़ पर। यह किसी सेटिंग की वजह से नहीं, बल्कि यह है कि WAV सिरे से कोई संपीड़न करता ही नहीं।

यह बचत उन मामलों में सबसे ज़्यादा मायने रखती है जहाँ फ़ाइल को इंटरनेट पर भेजना या बार-बार स्ट्रीम करना है।

कुछ जानकारी हमेशा के लिए छूटती है

Opus lossy है — यह ध्वनि के कुछ हिस्सों को इस अंदाज़ में हटाता है कि इंसानी कान को फ़र्क़ कम से कम महसूस हो, पर वे हिस्से वापस नहीं आते। WAV की पूरी सटीकता Opus में नहीं बचती।

यह नुक़सान ज़्यादातर सामान्य सुनने में पकड़ में नहीं आता, ख़ासकर बोली गई आवाज़ पर। बहुत बारीक़ी से सुने जाने वाले संगीत के लिए यह ज़्यादा दिख सकता है।

यह किसी असली रिकॉर्डिंग का आख़िरी क़दम होना चाहिए

चूँकि Opus lossy है, इसे बनाने के बाद WAV से दोबारा वही सटीकता नहीं मिल सकती। इसलिए मूल WAV को — अगर संपादन आगे भी करना है — सँभालकर रखना समझदारी है, और Opus सिर्फ़ अंतिम, बाँटने वाले चरण में बनाना चाहिए।

एडिटिंग के दौरान WAV में काम करना और सिर्फ़ अंत में Opus में एक्सपोर्ट करना, हर बार Opus में बदलकर फिर वापस लाने से बेहतर है।

यह ब्राउज़र में सार्वभौमिक तरीक़े से चलता है

यह साइट Opus को — PCM की तरह — हर ब्राउज़र में सीधे उपलब्ध मानती है, किसी अतिरिक्त WASM एनकोडर के बिना। इसलिए यह बदलाव लगभग हर मशीन पर बिना किसी अतिरिक्त डाउनलोड के तुरंत शुरू होता है।

यह उन ऑडियो फ़ॉर्मेट में है जिनका कोई फ़ॉलबैक चाहिए ही नहीं — MP3, AAC और FLAC के लिए अलग WASM एनकोडर लोड करना पड़ता है, Opus के लिए नहीं।

बदलना ब्राउज़र में ही चलता है

ऑडियो कहीं अपलोड नहीं होती — डिकोड और एनकोड दोनों उसी टैब में होते हैं जहाँ यह पेज खुला है।

एक साथ कई WAV फ़ाइलें छोड़ी जा सकती हैं; हर एक अलग से बदली जाती है और सारी Opus एक ZIP में लौटती हैं।

WAV को OPUS में ऐसे बदलें

  1. अपनी WAV फ़ाइल इस पेज पर छोड़ें, या चुनने के लिए दबाएँ।
  2. लक्ष्य के रूप में OPUS चुनें। कन्वर्ज़न आपके ब्राउज़र में होता है और फ़ाइल अपलोड नहीं होती।
  3. तैयार OPUS फ़ाइल डाउनलोड कर लें।

WAV या OPUS: क्या बदलता है

WAV और OPUS की तुलना
WAVOPUS
पूरा नामWaveform AudioOpus ऑडियो
फ़ाइल एक्सटेंशन.wav, .wave.opus
मीडिया टाइपaudio/wavaudio/opus
कंप्रेशनबिना कंप्रेशननुक़सान के साथ — छोटा आकार गुणवत्ता देकर ख़रीदा जाता है
पहली बार प्रकाशित19912012
प्रकाशकMicrosoftXiph.Org
विनिर्देशRIFF WAVERFC 6716
लाइसेंसप्रकाशित, मानकीकृत नहींखुला मानक
आज की स्थितिमौजूदामौजूदा
बिट डेप्थ32
ऑडियो चैनल65,535 तक255 तक
ब्राउज़र में खुलता हैहर ब्राउज़रमौजूदा ब्राउज़र
इसकी जगह विचारणीयFLAC, AIFFAAC, MP3

क्या खो जाता है

WAV में 65535 तक ध्वनि चैनल आ सकते हैं और OPUS में 255 तक। सराउंड मिक्स साथ जाने के बजाय मोड़कर छोटा कर दिया जाता है।

नतीजा खोलना

OPUS को मौजूदा ब्राउज़र पढ़ लेते हैं, पुराने नहीं। इस लिहाज़ से दोनों में यही कम जगह चलने वाला है। भेजने से पहले देख लीजिए कि पाने वाला इसे लेता भी है या नहीं।

Audacity WAV और OPUS — दोनों पढ़ लेता है, इसलिए आप नतीजे को असली फ़ाइल के बग़ल में रखकर देख सकते हैं, बिना दूसरा प्रोग्राम खोले।

फ़ाइल का आकार और गुणवत्ता

फ़ाइल काफ़ी छोटी हो जाती है, और वह बारीक़ी फेंककर छोटी होती है। WAV सब कुछ सँभालता है; OPUS वह सँभालता है जो आँख वैसे भी मुश्किल से देखती है। फ़ोटो पर यह सौदा लगभग मुफ़्त है; लिखावट, स्क्रीनशॉट या रेखाचित्र पर वह आपको रूपरेखाओं के चारों ओर किनारों की तरह दिख जाता है।

कौन-सा फ़ॉर्मेट किस काम के लिए है

दोनों का निशाना अलग काम है: WAV का एडिटिंग और सहेजना पर, OPUS का स्ट्रीमिंग और वेब पर। इस पर सोचना बनता है, क्योंकि जिस वजह से एक मौजूद है, आम तौर पर उसी वजह से दूसरा असुविधाजनक होता है।

WAV Microsoft का फ़ॉर्मेट है, जो 1991 में आया। यह हर चैनल पर 32 बिट में दर्ज करता है।

OPUS Xiph.Org का है और 2012 से चला आ रहा है, और RFC 6716 में तय किया गया है। VLC, FFmpeg और Audacity इस फ़ॉर्मेट को पढ़ लेते है।

WAV 1991 में आया और OPUS 2012 में। किसी को सौंपने के लिए आम तौर पर पुराना वाला ज़्यादा सुरक्षित रहता है; नया वाला वही काम कम बाइट में कर देता है।

WAV से OPUS: आम सवाल

क्या मेरी WAV फ़ाइल कहीं अपलोड होती है?

नहीं। यह कन्वर्ज़न पूरी तरह आपके ब्राउज़र में होता है, इसलिए फ़ाइल आपके डिवाइस से बाहर नहीं जाती। आप ख़ुद जाँच सकते हैं: डेवलपर टूल्स का नेटवर्क टैब खोलिए और कुछ बदल कर देखिए। आपको पेज ख़ुद दिखेगा और आँकड़ों तथा विज्ञापन के वे अनुरोध दिखेंगे जिनसे इस सेवा का ख़र्च निकलता है — और एक भी ऐसा अनुरोध नहीं जो आपकी फ़ाइल साथ ले जा रहा हो। इस जोड़ी के पीछे mediabunny है, WebCodecs के ऊपर चढ़ी एक परत, जो आपके अपने डिवाइस के हार्डवेयर डिकोडर उधार लेती है; आपका ब्राउज़र इसे एक बार उतारता है और फिर सहेज कर रखता है।

क्या WAV को OPUS में बदलना मुफ़्त है?

हाँ। न खाता, न वॉटरमार्क, और न कोई रोज़ का कोटा जो ख़त्म हो: यह आपकी अपनी मशीन पर चलता है, इसलिए आप जितनी बार चाहें लौट सकते हैं। ब्राउज़र 100 MB तक की फ़ाइलें सँभालता है, एक बार में 100। mediabunny आपकी अपनी मशीन पर उतरता है और वहीं चलता है — इसीलिए उस पर कोई गिनती नहीं है।

WAV को OPUS में बदलने पर क्या गुणवत्ता जाती है?

OPUS कंप्रेस करता है, इसलिए कुछ डेटा जाता है। तयशुदा सेटिंग पर यह पकड़ में नहीं आता; पक्का करना हो तो गुणवत्ता बढ़ा दीजिए।

WAV से OPUS जाने पर क्या गुणवत्ता जाती है?

फ़ाइल काफ़ी छोटी हो जाती है, और वह बारीक़ी फेंककर छोटी होती है। WAV सब कुछ सँभालता है; OPUS वह सँभालता है जो आँख वैसे भी मुश्किल से देखती है। फ़ोटो पर यह सौदा लगभग मुफ़्त है; लिखावट, स्क्रीनशॉट या रेखाचित्र पर वह आपको रूपरेखाओं के चारों ओर किनारों की तरह दिख जाता है।

क्या OPUS फ़ाइल ब्राउज़र में खुलती है?

OPUS को मौजूदा ब्राउज़र पढ़ लेते हैं, पुराने नहीं। इस लिहाज़ से दोनों में यही कम जगह चलने वाला है। भेजने से पहले देख लीजिए कि पाने वाला इसे लेता भी है या नहीं।

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