आँकड़ों और विज्ञापन के लिए कुकीज़
हम आँकड़ों और विज्ञापन के लिए कुकीज़ इस्तेमाल करते हैं, दोनों Google को जाती हैं। मना करने से आपको दिखने वाली किसी चीज़ में कोई फ़र्क़ नहीं पड़ता।निजता पेज पढ़ें
यहाँ आप MKV को FLAC में बदलते हैं, मुफ़्त और बिना खाते के: फ़ाइल ऊपर छोड़िए और कुछ ही सेकंड में नतीजा डाउनलोड के लिए तैयार मिलेगा। कन्वर्ज़न आपके अपने ब्राउज़र के भीतर होता है, इसलिए फ़ाइल कभी अपलोड नहीं होती। यह Windows, macOS और Linux पर वैसे ही चलता है जैसे iPhone और Android पर, और कनेक्शन काट देने पर भी चलता रहता है।
एक बार में 100 फ़ाइलें। फ़ॉर्मेट अलग-अलग हों तो भी चलेगा।
ये एक के बाद एक बदलती हैं और साथ में एक ZIP बनकर उतरती हैं।
MKV से FLAC
MKV फ़ाइल में वीडियो, एक या कई ऑडियो ट्रैक और कभी-कभी सबटाइटल एक साथ पैक होते हैं। जिसे सिर्फ़ आवाज़ चाहिए — किसी इंटरव्यू, किसी लेक्चर या किसी संगीत रिकॉर्डिंग की — उसके लिए यह बदलाव सिर्फ़ वह ट्रैक निकालकर FLAC में देता है।
वीडियो हिस्सा पूरी तरह छोड़ दिया जाता है — नतीजे में सिर्फ़ ऑडियो फ़ाइल मिलती है, कोई तस्वीर नहीं।
अगर MKV में कई ऑडियो ट्रैक हैं — जैसे अलग-अलग भाषा में डबिंग या कमेंट्री — तो सिर्फ़ पहला ट्रैक FLAC में जाता है। बाक़ी सब छूट जाते हैं, कोई चुनने का विकल्प नहीं है।
जिस फ़ाइल में सही भाषा या सही ट्रैक पहला नहीं है, वहाँ नतीजा ग़लत ट्रैक देगा — यह इस बदलाव की जानी-पहचानी सीमा है।
अगर वह पहला ट्रैक AC-3, E-AC-3, DTS या TrueHD में है — डिस्क रिप और स्ट्रीमिंग फ़ाइलों में यह आम है — तो वह पढ़ा ही नहीं जाता। नतीजा या तो ख़ाली आता है या त्रुटि देता है।
बदलने से पहले यह जाँच लेना समझदारी है कि ऑडियो किस कोडेक में है। AAC, MP3, Opus या साधारण PCM ट्रैक बिना दिक़्क़त के निकल जाते हैं।
FLAC ख़ुद कुछ नहीं खोता — यह जो मिलता है, बिट-दर-बिट रख लेता है। पर अगर MKV के भीतर की आवाज़ पहले से AAC या MP3 जैसे lossy कोडेक में थी, तो वह नुक़सान पहले ही हो चुका होता है।
नतीजा वही ध्वनि है जो MKV में थी, बस बिना किसी और संपीड़न के — गुणवत्ता वापस नहीं आती, सिर्फ़ फ़ाइल का ढाँचा बदलता है।
FLAC संपीड़न के बावजूद अनकंप्रेस्ड ऑडियो के क़रीब बना रहता है, इसलिए किसी lossy स्रोत से निकाला गया ऑडियो अक्सर मूल MKV से भी बड़ा हो सकता है — भले ही उसमें अब वीडियो न हो।
यह बड़ा आकार किसी अतिरिक्त जानकारी की क़ीमत नहीं है, सिर्फ़ भंडारण का तरीक़ा बदला है।
MKV के भीतर मौजूद सबटाइटल ट्रैक और चैप्टर मार्कर इस बदलाव में शामिल ही नहीं हैं — FLAC में उनके लिए कोई जगह नहीं है, और यह किसी सेटिंग की चूक नहीं है।
जिसे सबटाइटल का टेक्स्ट भी चाहिए, उसे उसे अलग से किसी सबटाइटल-कन्वर्टर से निकालना होगा।
ऑडियो निकालना और एनकोड करना ब्राउज़र के मौजूदा कोडेक पर टिका है। FLAC एनकोडर पहली बार इस्तेमाल पर लोड होता है, क्योंकि यह किसी वेब मानक का हिस्सा नहीं है।
यहाँ कोई सर्वर-आधारित फ़ॉलबैक नहीं है — या तो ब्राउज़र यह काम करता है, या नहीं करता।
वीडियो कहीं अपलोड नहीं होता — निकालना और एनकोड करना दोनों उसी टैब में होते हैं जहाँ यह पेज खुला है।
एक साथ कई MKV फ़ाइलें छोड़ी जा सकती हैं; हर एक से पहला ऑडियो ट्रैक निकाला जाता है, और सारी FLAC एक ZIP में लौटती हैं।
| MKV | FLAC | |
|---|---|---|
| पूरा नाम | Matroska वीडियो | Free Lossless Audio Codec |
| फ़ाइल एक्सटेंशन | .mkv | .flac |
| मीडिया टाइप | video/x-matroska | audio/flac |
| कंप्रेशन | नुक़सान के साथ — छोटा आकार गुणवत्ता देकर ख़रीदा जाता है | बिना नुक़सान — कुछ छोड़ा नहीं जाता |
| पहली बार प्रकाशित | 2002 | 2001 |
| प्रकाशक | — | Xiph.Org |
| विनिर्देश | Matroska | RFC 9639 |
| लाइसेंस | खुला मानक | खुला मानक |
| आज की स्थिति | मौजूदा | मौजूदा |
| बिट डेप्थ | — | 32 |
| ऑडियो चैनल | — | 8 तक |
| ब्राउज़र में खुलता है | कुछ ब्राउज़र | हर ब्राउज़र |
| इसकी जगह विचारणीय | MP4, WebM | WAV, AIFF, MP3 |
FLAC काम करने का फ़ॉर्मेट है और MKV बनकर तैयार फ़ॉर्मेट। जो लौटता है वह पन्ने की तस्वीर नहीं बल्कि बदली जा सकने वाली लिखावट है — आम तौर पर यही इस कन्वर्ज़न की वजह होती है, और यही इसकी सीमा भी।
FLAC को हर मौजूदा ब्राउज़र खोल लेता है। MKV को इतने भी नहीं। अगर फ़ाइल किसी वेब पेज या किसी फ़ॉर्म तक जा रही है, तो आम तौर पर इस कन्वर्ज़न की पूरी वजह यही है।
VLC MKV और FLAC — दोनों पढ़ लेता है, इसलिए आप नतीजे को असली फ़ाइल के बग़ल में रखकर देख सकते हैं, बिना दूसरा प्रोग्राम खोले।
MKV 2002 में आया। यह Matroska में तय किया गया है, और अगर फ़ाइल को उस औज़ार से ज़्यादा जीना है जिसने उसे लिखा, तो यह बात क़ीमती है।
FLAC Xiph.Org का है और 2001 से चला आ रहा है, और RFC 9639 में तय किया गया है। Audacity, foobar2000 और VLC इस फ़ॉर्मेट को पढ़ लेते है।
नहीं। यह कन्वर्ज़न पूरी तरह आपके ब्राउज़र में होता है, इसलिए फ़ाइल आपके डिवाइस से बाहर नहीं जाती। आप ख़ुद जाँच सकते हैं: डेवलपर टूल्स का नेटवर्क टैब खोलिए और कुछ बदल कर देखिए। आपको पेज ख़ुद दिखेगा और आँकड़ों तथा विज्ञापन के वे अनुरोध दिखेंगे जिनसे इस सेवा का ख़र्च निकलता है — और एक भी ऐसा अनुरोध नहीं जो आपकी फ़ाइल साथ ले जा रहा हो। इस जोड़ी के पीछे mediabunny है, WebCodecs के ऊपर चढ़ी एक परत, जो आपके अपने डिवाइस के हार्डवेयर डिकोडर उधार लेती है; आपका ब्राउज़र इसे एक बार उतारता है और फिर सहेज कर रखता है।
हाँ। न खाता, न वॉटरमार्क, और न कोई रोज़ का कोटा जो ख़त्म हो: यह आपकी अपनी मशीन पर चलता है, इसलिए आप जितनी बार चाहें लौट सकते हैं। ब्राउज़र 100 MB तक की फ़ाइलें सँभालता है, एक बार में 100। mediabunny आपकी अपनी मशीन पर उतरता है और वहीं चलता है — इसीलिए उस पर कोई गिनती नहीं है।
नहीं। FLAC वही सामग्री बिना कुछ फेंके सँभालता है: नतीजा गुणवत्ता में असली फ़ाइल जैसा ही होता है। सिर्फ़ पहला ध्वनि-ट्रैक रखा जाता है। जिस फ़िल्म में दूसरी भाषा या कमेंट्री का ट्रैक हो, वह उसे खो देती है।
FLAC काम करने का फ़ॉर्मेट है और MKV बनकर तैयार फ़ॉर्मेट। जो लौटता है वह पन्ने की तस्वीर नहीं बल्कि बदली जा सकने वाली लिखावट है — आम तौर पर यही इस कन्वर्ज़न की वजह होती है, और यही इसकी सीमा भी।